राजस्थान का एकीकरण कैसे हुआ?



 आज हम बात करगे राजस्थान  के एकीकरण के बारे में और साथ ही मे मै आपको बताऊगा ऐसी मजेदार ट्रिक्स  जिस से आप राजस्थान एकीकरण के बहुत से प्रश्न आसानी से याद कर पाएगे। 

    राज. के लिए राजपूताना शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम 1800 ई.  मे आयरलैंड निवासी जॉर्ज थॉमस ने किया, राजस्थान के लिए राजस्थान /राजवाडा शब्द पॉलिटिकल एजेेंट कर्नल जैक्स टॉड (घोडे वाले बाबा)  ने 1829 की अपनी पुस्तक central and western rajpoot state of  india में किया।  

       भारत के एकीकरण के समय कुल 565 रियासते थी, जिनमेे से सिर्फ  562 ने ही विलय-पत्र पर हस्ताक्षर किए। बची 3 रियासते कश्मीर, हैदराबाद, जूनागढ(गुजरात) थी। 

 संपूर्ण भारत और राज. के एकीकरण लिए रियासती विभाग का गठन हुआ, इसके अध्यक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल और सचिव वी. पी. मेमन बने। 

 रियासती विभाग की श्रीनगर की बैठक मे रियासतो के एकीकरण की घोषणा करते हुए रियासतो के स्वतंत्र या विलय होने की शर्तेें रखी गई। 

एकीकरण की शर्तें :-

1. जिन रियासतो की जनसंख्या 10 लाख से ज्यादा  हैं, वे स्वयं को स्वतंत्र रख सकती हैं। 

2. जिन रियासतो की वार्षिक आय 1 करोड से ज्यादा हैं ,वे स्वयं को स्वतंत्र रख सकती है। 

 राज में इन शर्तो को पूरा करने वाली रियासते जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर थी, भारत की सबसे बड़ी रियासत हैदराबाद और सबसे छोटी बिलारी (मध्यप्रदेश) है। वही राज. की सबसे बड़ी रियासत मारवाड (जोधपुर) और सबसे छोटी रियासत शाहपुरा (भीलवाडा) थी। राजस्थान की सबसे प्राचीन  रियासत मेवाड़ (उदयपुर)  और  सबसे नवीन रियासत झालावाड़ थी । जयपुर राज.  की सर्वाधिक जनसंख्या वाली रियासत थी । 

एकीकरण प्रकिया:-

समय:- 8 वर्ष 7 माह 14 दिन 

चरण:- 7

केंद्र शासित प्रदेश :- अजमेर-मेरवाडा 

रियासत :- 19

ठिकाने :- 3 (नीमराणा, कुशलगढ,लावा)

     Trick :- नकूल

बडा ठिकाना :- कुशलगढ (बाँसवाडा) 

छोटा ठिकाना:- लावा (जयपुर) लेकिन वर्तमान में टोंक में 

वही नीमराणा ठिकाना अलवर मे था, रियासतो को तोप सलामी का अधिकार था। लेकिन शाहपुरा और किश्नगढ रियासतो को तोप सलामी का अधिकार नही था। वही ठिकानो को तोप सलामी का अधिकार बिल्कुल नही था।

अजमेर-मेरवाडा C श्रेणी का राज्य था, इसकी  विधानसभा को धारासभा कहते थेे। जिसमे 30 सदस्य थेे  ,जिसके एकमात्र मुख्यमंत्री हरिभाऊ उपाध्याय (दा साहब)  थे। वही राज B श्रेणी का राज्य था। A श्रेणी पर गवर्नर ,  B श्रेणी पर राजप्रमुख और C श्रेणी पर चीफ कमिश्नर उच्च अधिकारी  होता था। 

राज 2 जाट रियासते धौलपुर और भरतपुर भाषा के आधार पर उत्तरप्रेदश मे मिलना चाहती थी ।वही जोधपुर और टोंक पाकिस्तान में मिलना चाहती थी। राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत टोंक थी। 

एकीकरण के चरणो की ट्रिक :-

सबसे पहले आप ये सात अंक और Code याद करो 👇👇👇👇

अंक 👉 18, 25, 18, 30, 15, 26, 1

Code 👉 48, 49, 50, 56

Trick 👉 माऊ मामा गे जानो है

चरणो के प्रधानमंत्री की ट्रिक 👉 शो गो माही

शो :- शोभाराम कुमावत 

गो :- गोकुलराम असावा 

मा :- माणिक्यलाल वर्मा 

ही :- हीरालाल शास्त्री 

ट्रिक प्रयोग करने के लिए सबसे पहले 1 से 7 तक क्र.सं. लिखे, फिर प्रत्येक क्र. सं. के आगे एक -एक ऊपर वाले अंक 18 से 1 तक लिखे। फिर "माऊ मामा गे जानो है" ट्रिक में पहले मा से क्र.सं. 1व 2 मे 18 और 25 के आगे मार्च लिख दे। क्र सं 3 में  18 के आगे ऊ से अप्रैल लिखे। क्र सं 4 मे मामा के पहले मा से  30 के आगे मार्च इसी प्रकार क्र सं 5 में दूसरे मा से 15 के आगे मई लिखे। 

क्र सं 6 मे जानो के ज से  26 के  आगे जनवरी और क्र सं 7 में  जानो के नो के न से  नवंबर लिख दो। अब code लो और क्र सं 1 से  3 तक प्रत्येक के महीनो के आगे 19 लगाकर 48 लिखदो, इसी प्रकार क्र सं 4 से  5 में  भी 19 लगाकर 49 तथा  क्र सं 6 में 50 और क्र सं 7 मे 56 लिख दो। 

संपूर्ण ट्रिक लगाने के बाद आपके पास ऐसी सारणी आएगी 👇👇👇👇






चरणो मे शामिल होने वाले जिले:-  प्रत्येक चरण में जिले जुडते जाएगेे तथा पीछे  चरण के जिले आपको साथ  साथ याद रखने है। 
Tricks 👇👇






अन्य तथ्य :- राज अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंबर 1956 को आया। इसका संवैधानिक राज नाम 26 जनवरी 1950 को स्वीकार किया गया। नीमराणा ठिकाना प्रथम चरण में, कुशलगढ व लावा  ठिकाना द्वितीय चरण में शामिल हुआ। प्रथम चरण के मुख्यमंत्री शोभाराम, द्वितीय चरण के मुख्यमंत्री गोकुलराम असावा, तीसरे चरण के मुख्यमंत्री माणिक्य लाल वर्मा, चौथे से सातवे चरण तक हीरालाल शास्त्री मुख्यमंत्री रहे। 

एक टिप्पणी भेजें

2 टिप्पणियाँ

Please not share spam links and wrong comments

Emoji
(y)
:)
:(
hihi
:-)
:D
=D
:-d
;(
;-(
@-)
:P
:o
:>)
(o)
:p
(p)
:-s
(m)
8-)
:-t
:-b
b-(
:-#
=p~
x-)
(k)